लखनऊ :
मोबाइल चोरी का मामला,शटरिंग कारीगर को पुलिस ने दी थर्ड डिग्री।
मामला सोशल मीडिया पर तूल पकड़ने पर पुलिस चौकी के सिपाही हुआ निलम्बित।.
दो टूक : लखनऊ के थाना पीजीआई पुलिस टीम ने शटरिंग कारीगर को मोबाइल चोरी के आरोप मे हिरासत मे लेकर थर्ड डिग्री देकर पूछताछ की युवक की हालत बिगडऩे पर शांति भंग मे कार्रवाई कर दी। वहीं ऐसे संवेदनशील मामलों इस्पेक्टर का रवैया गूंगे बहरे जैसा रहे।
फिलहाल थर्ड डिग्री का मामला सोशल मीडिया पर तूल पकड़ने पर वरिष्ठ अधिकारी ने हेड कांस्टेबल को निलम्बित कर जांच का आदेश दिया।
विस्तार :
चोरी न कबूलने पर पीट पीटकर पुलिस ने बनाया कीमा।
मिली जानकारी के अनुसार थाना मंडियांव के फैजुल्लागंज निवासी शटरिंग का काम करने वाले रोहित तिवारी ने बताया कि पुलिस चौकी वृन्दावन योजना पीजीआई पर तैनात कॉन्स्टेबल आशुतोष सिंह ने फोन कर चौकी बुलाया और उससे मोबाइल फोन चोरी करने खरीदने की बात कबूल करने का दबाव बनाया रोहित तिवारी ने उनसे कहा कि साहब मैं चोरी नहीं करता और न ही हमारी औकात महंगा मोबाइल खरीदने की है,ठेकेदार के अंडर शटरिंग का काम करता हूं,किसी तरह ईमानदारी से बच्चे पाल रहा हूं।
पीड़ित का आरोप है कि इस बात से सिपाही आशुतोष सिंह भड़क उठे उन्होंने कहा पुलिस क्या होती है तू जानता नहीं है।टेबल पर 7 से 8 फोन रख दिया और कहा इन सबकी बरामदगी तुम्हारे पास से दिखा कर जेल भेज दूंगा।जब रोहित तिवारी कबूलने को तैयार नहीं हुआ तो आशुतोष सिंह ने उसे चौकी के भीतर ले जाकर डंडों से बुरी तरह पीटा, पीड़ित के शरीर पर पुलिस की बर्बरता के निशान साफ नजर आ रहे हैं।
पीड़ित का आरोप है कि उसे बिना खाना पानी दिए ले जाकर पीजीआई कोतवाली के हवालात में बंद कर दिया गया।
इंस्पेक्टर पीजीआई रवि शंकर त्रिपाठी ने भी एक नहीं सुनी,और उनके मातहत वहां भी रात में थर्ड डिग्री देते रहे जब बात नहीं मानी तो गुरुवार को शांति भंग की कार्रवाई कर दी गई।
वीडियो में पीड़ित शासन और सरकार से न्याय की गुहार लगा रहा है।
वहीं लखनऊ पुलिस भाजपा सरकार के मनसूबों पर पानी फेरने में जुटी हुई है। एस एच ओ की मौजूदगी में निर्दोष पर पुलिस बर्बरता करती रही, पीड़ित के शरीर पर मिले निशान साफ बयां कर रहे रात का मंजर,यह निशान सिर्फ एक सिपाही आशुतोष सिंह के मारने से नहीं आए है।
इंस्पेक्टर पीजीआई रवि शंकर त्रिपाठी से जब जानकारी चाही तो उनका कहना था कि दो लोगों को चोरी के आरोप में लाया गया था वह आपस में ही लड़ रहे थे तो शांति भंग में चालान कर दिया गया।
◆डीसीपी पूर्वी ने बताया कि एसीपी गोमतीनगर विकास जायसवाल को घटना की विस्तृत जांच करने का आदेश दिया गया है। जांच में अगर किसी और भी पुलिसकर्मी की भूमिका मिलती है तो उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
◆आरोपी के खिलाफ एफआईआर क्यों नहीं?
एक बेगुनाह के साथ चौकी में बर्बरता करने के आरोपी सिपाही के खिलाफ केस तक दर्ज नहीं कराया गया। क्या निलंबन और जांच का आदेश ही काफी है? इस सवाल पर कोई अधिकारी खुलकर बोलने के लिए तैयार नहीं है।
■ लगातार सवालों के घेरे में कमिश्नरेट पुलिस।
पुलिस की कार्यशैली लगातार सवालों के घेरे में है। अक्तूबर से लेकर अब तक पुलिस की अभिरक्षा में दो लोगों की मौत हुई। एक युवक पुलिस की मौजूदगी में छत से कूद गया। इन घटनाओं के बावजूद पुलिस की कार्यशैली में कोई भी बदलाव होता नहीं दिख रहा है।
◆ 11 नवबर: चिनहट पुलिस की अभिरक्षा में राहुल नाम का युवक तीसरी मंजिल से कूदा। इस मामले में चौकी इंचार्ज मल्हौर को डीसीपी ने निलंबित कर दिया था
◆ 26 अक्टूबर चिनहट पुलिस की अभिरक्षा में कारोबारी मोहित पांडेय की मौत। सहित अन्य पर हत्या का केस दर्ज हुआ। मामले की जांच अभी जारी है फिलहाल अब तक कुछ भी नहीं हुआ।
◆11 अक्टूबर विकास नगर पुलिस की अभिरक्षा में अमन गौतम की मौत। इस मामले में भी पी.आर.वी. सवार पुलिस वालों के खिलाफ केस दर्ज हुआ, पर कार्रवाई के नाम पर अब तक कुछ भी नही हुआ।
पीडित रोहित की बाईट-