लखनऊ :
आज का पञ्चाङग जाने शुभमुहूर्त एवं महाशिवरात्रि पर्व।।
।।डी एस शास्त्री।।
दो टूक : महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव की उपासना का विशेष अवसर होता है। इस दिन श्रद्धालु व्रत रखते हैं, मंदिरों में जलाभिषेक करते हैं और भोलेनाथ से सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। मान्यता है कि इसी दिन शिव और पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था। भक्तगण रात्रि जागरण कर शिव मंत्रों का जाप करते हैं और भक्ति में लीन रहते हैं।
■ दिनांक - 26 फरवरी 2025*
●दिन - बुधवार
◆विक्रम संवत - 2081
●शक संवत -1946
◆ अयन - उत्तरायण
● ऋतु - सायन वसंत ॠतु
◆मास - फाल्गुन (गुजरात-महाराष्ट्र माघ)
● पक्ष - कृष्ण
◆तिथि - त्रयोदशी दिन 11:08 तक तत्पश्चात चतुर्दशी
●नक्षत्र - श्रवण शाम 05:23 तक तत्पश्चात धनिष्ठा
◆योग - परिघ 27 फरवरी रात्रि 02:58 तक तत्पश्चात शिव
●राहुकाल - दोपहर 12:19 से दोपहर 13:46 बजे तक
🌞 सूर्योदय-06:33
🌚 सूर्यास्त -18:06
★ दिशाशूल - उत्तर दिशा मे
■ व्रत पर्व विवरण-महाशिवरात्रि व्रत, रात्रि जागरण,शिव-पूजन (निशीथकाल : रात्रि 12:15 से 01:04 तक)
(प्रहर : प्रथम-06:29 से ,द्वितीय-रात्रि 09:34 से,तृतीय-मध्यरात्रि 12:39 से,चतुर्थ-27 फरवरी प्रातः 03:45 से (पारणा-27 फरवरी सूर्योदय के बाद),महाकुंभ पर्व 2025 समाप्त (प्रयागराज)
◆ विशेष- त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
■ शिवरात्रि
वैसे तो भगवान शिव का अभिषेक हमेशा करना चाहिए,लेकिन शिवरात्रि(26 फरवरी, बुधवार)का दिन कुछ खास है। यह दिन भगवान शिवजी का विशेष रूप से प्रिय माना जाता है। कई ग्रंथों में भी इस बात का वर्णन मिलता है। भगवान शिव का अभिषेक करने पर उनकी कृपा हमेशा बनी रहती है मनोकामना पूरी होती है। धर्मसिन्धू के दूसरे परिच्छेद के अनुसार,अगर किसी खास फल की इच्छा हो तो भगवान के विशेष शिवलिंग की पूजा करनी चाहिए। यहां जानिए किस धातु के बने शिवलिंग की पूजा करने से कौन-सा फल मिलता है।
◆पत्थर के शिवलिंग पर अभिषेक करने से सत्यलोक (स्वर्ग) की प्राप्ति होती है ।
◆मोती के शिवलिंग पर अभिषेक करने से रोगों का नाश होता है।
◆मिट्टी से निर्मित शिवलिंग पर अभिषेक करने से दीर्घायु की प्राप्ति होती है ।
◆पुखराज के शिवलिंग पर अभिषेक करने से धन-लक्ष्मी की प्राप्ति होती है ।
◆स्फटिक के शिवलिंग पर अभिषेक करने से मनुष्य की सारी कामनाएं पूरी हो जाती हैं
◆नीलम के शिवलिंग पर अभिषेक करने से सम्मान की प्राप्ति होती है ।
◆ चांदी से बने शिवलिंग पर अभिषेक करने से पितरों की मुक्ति होती है ।
◆ताम्बे के शिवलिंग पर अभिषेक करने से लम्बी आयु की प्राप्ति होती है ।
◆लोहे के शिवलिंग पर अभिषेक करने से शत्रुओं का नाश होता है।
◆आटे से बने शिवलिंग पर अभिषेक करने से रोगों से मुक्ति मिलती है
मक्खन से बने शिवलिंग पर अभिषेक करने पर सभी सुख प्राप्त होते हैं
गुड़ के शिवलिंग पर अभिषेक करने से अन्न की प्राप्ति होती है ।
◆ कालसर्प दोष
फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। इस बार ये पर्व 26 फरवरी, बुधवार को है। ज्योतिष के अनुसार,जिन लोगों को कालसर्प दोष है,वे यदि इस दिन कुछ विशेष उपाए करें तो इस दोष से होने वाली परेशानियों से राहत मिल सकती है।*
कालसर्प दोष मुख्य रूप से 12 प्रकार का होता है,इसका निर्धारण जन्म कुंडली देखकर ही किनया जा सकता है। प्रत्येक कालसर्प दोष के निवारण के लिए अलग-अलग उपाए हैं। यदि आप जानते हैं कि आपकी कुंडली में कौन का कालसर्प दोष है तो उसके अनुसार आप महाशिवरात्रि पर उपाए कर सकते हैं।
काल भी तुम और महाकाल भी तुम लोक भी तुम और त्रिलोक भी तुम शिव भी तुम और सत्य भी तुम महाशिवरात्रि भी हो।
भोले की भक्ति में लीन रहो, हर संकट से बचाएंगे, शिवरात्रि के इस पावन अवसर पर सब मंगल कर जाएंगे।।