गोण्डा- शुक्रवार दोपहर मे आशा कर्मचारी यूनियन उप्र सीटू के कर्मचारियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी गोंडा कार्यालय पर 11 सूत्रीय मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किया। इनमे यह मांगे शामिल की गई है-- राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को एक स्थायी स्वास्थ्य कार्यक्रम बनाकर आशा व आशा संगिनी पर 45वें और 46वें भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिशों को लागू करें। पूरे देश में एक समान कार्य परिस्थितियों को सुनिश्चित करें। आशा व आशा संगिनी को 6 माह का सवेतन मातृत्व अवकाश 20 दिनों का आकस्मिक अवकाश व चिकित्सा अवकाश दिया जाये। पेंशन मिलने तक सेवानिवृत्ति न हो। वरिष्ठत्ता के आधार पर आशा व आशा संगिनी को एएनएम पदो पर प्रोन्नत किया जाये। सभी सीएचसी और पीएचसी पर आशा विश्राम कक्ष बनवाया जाये। आशा व आशा सगिनी को स्कूटर और डयूटी के लिए यात्रा भत्ता दिया जाये। डिजिटलीकरण के लिए अच्छी गुणवत्ता वाले टेबलेट, डेटा, पैक, और प्रशिक्षण दिया जाय। आशा और आशा संगिनी को श्रम कानूनों के तहत शामिल किया जाय। उप्र के गोण्डा जनपद के सामु० स्वा० केन्द्र छपिया के अधीक्षक डा० अमित कुमार जिन पर महिला उत्पीड़न का आरोप है और जो आये दिन मरीजो और कर्मचारियों से गाली गलौज व मारपीट करते है इन्हे अधीक्षक पद से हटाया जाये तथा गैर जनपद स्थानान्तरण किाय जाये। कई वर्षों से एक ही स्थान पर जमें बीसीपीएम, डीसीपीएम, डाटा अपरेटर तथा ब्लाक लेखा प्रबन्धक सहित अन्य कर्मचारियों का स्थानान्तरण किाय जाये।