मंगलवार, 1 अप्रैल 2025

अम्बेडकर नगर :बिजली विभाग की मनमानी से उपभोक्ता परेशान लगा रहा एसडीओ व जेई का चक्कर।।||Ambedkar Nagar: Consumers are troubled by the arbitrary actions of the electricity department and are making rounds of SDO and JE.||

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अम्बेडकर नगर :
बिजली विभाग की मनमानी से उपभोक्ता परेशान लगा रहा एसडीओ व जेई का चक्कर।।
 ।।ए के चतुर्वेदी।।
दो टूक : अम्बेडकर नगर जनपद मे बिजली विभाग ने उपभोक्ता को पहले थमाया अधिक बिल की रसीद, अब सुधार कराने के लिए उपभोक्ता दर-दर की ठोकर खाने के लिए विवश हैं।बिजली विभाग के उपभोक्ताओं को बिजली का बिल जोरदार झटका दे रहे हैं.जो उपभोक्ताओं के लिए संकट का सबब बन रहा है। पसीने-पसीने होकर उपभोक्ता उपकेंद्र के चक्कर लगा रहे हैं उपभोक्ताओं का कहना है कि बिना शुल्क के नहीं होता कोई काम अकबरपुर तहसील निवासी शारदा देवी निवासी सारंगपुर प्रहलाद पट्टी का घरेलू संयोजन था जिसपर कोई बकाया भी नहीं था मीटर में रीडिंग 813 है और बिल में 5000 रीडिंग से ऊपर का बिल प्रार्थिनी के द्वारा पूर्व में माननीय मुख्यमंत्री पोर्टल से शिकायत किया गया तो एस डी ओ महोदय द्वारा यह कहा गया कि इनका मीटर बैक हो गया है जबकि मीटर बैक नहीं बल्कि प्रार्थिनी द्वारा खर्च कम किया जाता है एस डी ओ महोदय द्वारा बिना मीटर के जांच किए बगैर किस तरह से कह दिए कि मीटर बैक है और इतना ही नहीं मेरी घर पर लाइनमैन रमाशंकर पांडे द्वारा तार भी कटवा दिया गया जिसका वीडियो भी बनाया गया और पूछा कि किसने भेजा तार काटने को तो बोले एस डी ओ साहब बोले है यदि यही काम किसी दलाल के माध्यम से करवाता तो आराम से हो जाता है और खुद करवाना चाहते हैं तो आम जनता को बेवकूफ बना कर कानून का पाठ पढ़ाते है आखिर कैसे न्याय की उम्मीद करे बिजली विभाग से आम जनता मुख्यमंत्री महोदय के पोर्टल पर की गई शिकायत पर रिपोर्ट लगा दिए कि मीटर बैक है कितना जानकार विभाग है बिना मीटर की एम आर आई किए सब जानते है एस डी ओ श्री राम मोहन पांडे।उपभोक्ता गहरी सांस लेते हुए बाहर बरामदे में बैठकर लोगों से कहने लगे की बिल कैसे जमा किया जाए, जब मनमाने ढंग से बिल निकल रहा है। यह कहते हुए उन्होंने जिम्मेदारों के खिलाफ तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।गलत यूनिट बिल में आ रहा है। कई बार शिकायत करने के बाद भी बिल में सुधार नहीं हो सका।यह कहते हुए उन्होंने बदहाल व्यवस्था पर आक्रोश व्यक्त किया।परिसर में इसी तरह शहर से लेकर आसपास के गांव के लोग बिल ठीक कराने के लिए आए थे। कोई एक सप्ताह से दौड़ रहा तो किसी को माह भर गुजर गए हैं।सबकी अलग-अलग समस्या थी। इस मामले की जानकारी के लिए बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों से वार्ता करने का प्रयास किया गया परंतु फोन रिसीव नहीं हुआ।
जारी बिल की रसीद --