लखनऊ :
विवाह संस्कार को लोगों ने फंक्शन बना डाला : श्रीराम शरण शास्त्री।।
दो टूक : विवाह संस्कार को लोगों ने फंक्शन बना डाला है । वर्तमान में लोग मेहदी रस्म अदा का कर रहे हैं जबकि सनातन धर्म में मेंहदी रस्म का कोई स्थान नहीं है लोग विवाह के वक्त फोटो सेशन में पूरा वक्त गुजार देते है । मंडप में बैठ कर वर वधू का इंतजार कर रहे पंडित जी को देख मण्डप में पहुंचते ही वर और कन्या पक्ष के लोग जल्द से जल्द विवाह निपटाने की बात करते हैं । यह बातें आशियाना क्षेत्र के एलडीए कॉलोनी सेक्टर - एल में आयोजित भागवत कथा में कथा वाचक श्रीराम शरण शास्त्री ने कहा । कथा वाचक श्रीराम शरण शास्त्री ने कहा कि श्रीरामचरित मानस का पाठ ठेके पर होने लगा है ।
किसी के पास श्रीरामचरित मानस पुस्तक पढ़ने का वक्त ही नहीं बचा है उन्होंने कहा कि प्रत्येक माता पिता को प्रतिदिन अपने बच्चों और खुद पांच से दस दोहा पढ़ें और पढ़वाए ताकि हमारी संस्कृति और संस्कार जिंदा रह सके । हमारे समाज में बहुत तेजी से संस्कार ह्रास हो रहा है उन्होंने कहा कि महिलाएं सुंदरता प्राप्त करने के लिए मां गौरी और पुरुषों को अश्विनी कुमार की पूजा करनी चाहिए। नारद जी ने अश्वनी कुमार की पूजा करते हुए कहा कि "जेहि विधि नाथ होय हित मोरा, करहूं सुवेगी दास में तोरा" अश्वनी कुमार ने वही रूप दिया जिसमें नारद जी का हित था ।
शास्त्री जी ने कहा कि हम जहां भी रहे वहां अपने पुत्र के सामने किसी दूसरे के पुत्र, पत्नी के सामने किसी दूसरी स्त्री की बात न करें । कथा में मुख्य रूप से मानवेंद्र सिंह, पीयूष श्रीवास्तव, सत्य प्रकाश गुप्ता, संजय गुप्ता, अमन मिश्रा, मनीषा मिश्रा, प्रीति चौरसिया, मधु सिंह, ईशान यादव, राकेश श्रीवास्तव समेत तमाम स्थानीय लोग मौजूद रहे जिनके सहयोग से सामूहिक कथा चल रही है ।